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26 January, 2011

सुख कल्पना...!!

जड़ को चेतन कर जाती है -
                    सुख कल्पना ..!!
दुःख में भी गहरा साथ निभाती है -
                    सुख कल्पना ..!!
सुधा सलिल की धार बनाती  है -
                    सुख कल्पना ..!!
घर आंगन अल्पना सजाती है -
                    सुख कल्पना ..!!
भूखे को रोटी की आस दिलाती है -
                    सुख कल्पना ..!!
एकाकी जीवन को मृदु राग सुनाती   है -
                    सुख कल्पना ..!!
भीनी खुशबु के  स्पर्श सा- छा जाती है -
                    सुख कल्पना ..!!
ठहरे जल को स्पंदन दे जाती है -
                      सुख कल्पना ..!!
तुम्हारे अस्तित्व का एहसास कराती  है -
                       सुख कल्पना ..!!
हाँ प्रभु चरणों तक खींच ले जाती है -
                       सुख कल्पना ..!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

25 comments:

  1. यही सुख की कल्पना सम्पूर्ण विश्व चालायमान किये है।

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  2. तुम आशा विश्वास हमारे- सुख -कल्पना !!

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  3. कैसे-कैसे ख्वाब दिखाती है ये - सुख कल्पना.

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  4. bahut khoob likha aapane
    chk out my blog also
    http://iamhereonlyforu.blogspot.com/

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  5. बेहतरीन कविता ... आशावादिता की डोर हाथ में रहती है इस सुख कल्पना के चलते..... आखिरी पंक्तियाँ तो बेमिसाल है....

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  6. sukh ki kalpanaa me hi sukh hai.. sundar-sakaratmak soch..kavitaa issi tarah nikharati rahe, yahi hai shubhkamanaa..

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  7. बहुत ही बढ़िया रचना

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  8. बहुत सुन्दर पंक्तियाँ अनुपमा
    अंतिम पंक्तियों ने मन मोह लिया
    प्रभु शरण में हैं हम तो सुख कल्पना ही सुख कल्पना है!
    शुभकामनाएं!!

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  9. तुम्हारे अस्तित्व का एहसास कराती है ,
    सुख कल्पना !!
    हाँ प्रभु चरणों तक खींच ले जाती है,
    सुख कल्पना।

    सम्पूर्ण जीवन कल्पनाओं का संसार ही तो है।

    सुंदर भावों से सुरभित प्रभावशाली कविता।

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  10. han, sukh ki lalpna ka koi mukabla nahin.

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  11. सकारात्मक सोच को दर्शाती रचना !
    बहुत खुबसूरत रचना !

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  12. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति.....आशा है तो जीवन है ,जीवन है तो सब कुछ है ....शुभकामनायें

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  13. ek alag kism ki rachna.. darshan simete hue..

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  14. अन्धकार में जो प्रकाश से करता है संवाद.
    उसे ही नियति देती है अविजित-जय का मृदु-स्वाद.

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  15. bhini khusboo ke sparash sa cha jati
    hian...sukh kalpana Very beautiful words and thoughts.

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  16. बेहतरीन कविता| धन्यवाद |

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  17. Sukh ki kalpana ke bina zindagi ka safar bahut hi mushkil hai .
    Sundar abhivyakti.

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  18. मेरी कविता आप सभी ने पढ़ी -
    मैं आभारी हूँ -
    मेरे ह्रदय के उदगार आपने पढ़े और सराहे मुझे हर्ष है -
    आगे भी इसी तरह मार्गदर्शन करते रहिये .कुछ कमी लगे ज़रूर बताईयेगा -
    पुनः सभी को धन्यवाद.

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  19. दिल को छूने वाली खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

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  20. maine aapki sabhi rachnayen dekh li '''atyant sunder

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  21. maine aapki sabhi rachnayein dekhi bahut sunder likha hai apne aap bhi mera blog dekhe thora bahut likha hai

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  22. आपकी सुख कल्पना बहुत अच्छी लगी क्योंकि इसमें सभी की सुख कल्पनाओं का समावेश है ! बहुत सुन्दर रचना !

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