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07 February, 2013

सजती-सँवरती हूँ मैं ....!!!!!



तुम से ही है ...
मेरे मन की हर सिंदूरी बेला ...
डूब जाता है जैसे मेरा मन...
इस सिंदूरी सांझ के मौन में ...
स्मित तुम्हारी छवि ....
सदा अंकित है मेरे मनः पटल में .. .....!!





शांत स्निग्ध व्यक्तित्व तुम्हारा ...
उगता हुआ चन्द्र ज्यों नील निलय में ......

बरसाता ही गया ज्योत्स्नामृत....
पोर-पोर ...हृदयालय में


अटल ..विराट पर्वत से तुम .... ..
हर  झंझावात से मुझे रहे बचाते ...........
चित्त में ..चितवन में ..तुम .....!!
तुम ही तुम ....
नैन काजल सी ....
हाथ मेहंदी सी ...
आनन आभ सी ......
रचाती   मैं तुम्हें ......
रचती हूँ अब भी तुमसे ही ...

जब भी बने .. ...
एक वृक्ष  घने .. ..
 मेरे नीम के पेड़ से तुम तने .....
लता सी  लिपटी .....हँसती डोलती .....
फलती फूलती हूँ  मैं ......


जीवन मे कितने ही रंग तुमने दिये ......
साज से क्षृंगार से अलंकृत होती हूँ  मैं .......
तुम से ही ....
सजती-सँवरती हूँ  मैं ....!!!!!

**************************************************

सभी कुछ प्रभु का दिया हुआ ही होता  है |ईश्वर देते हैं ,माध्यम कोई बनता है |विभिन्न रंगों से भरा ये जीवन .......आज मेरे पति के जन्मदिवस पर  मेरे जीवन के सूत्रधार ,उनके  लिए .... यही मेरे मन के भाव हैं .............

26 comments:

  1. जीवन मे कितने ही रंग तुमने दिये ......
    ---------------------------------------------
    हमारी तरफ से भी जन्मदिन की बधाई...

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  2. khoobshurat andajme prastur khoobshurat bhav ****चित्त में ..चितवन में ..तुम .....!!
    तुम ही तुम ....
    नैन काजल सी ....
    हाथ मेहंदी सी ...
    आनन आभ सी ......
    रचाती मैं तुम्हें ......
    रचती हूँ अब भी तुमसे ही ...

    जब भी बने .. ...
    एक वृक्ष घने .. ..
    मेरे नीम के पेड़ से तुम तने .....

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  3. बहुत गहरी अनुभूति है अनुपाम जी,आपके पति के जन्मदिन पर बहुत बहुत शुभकामनाएं.

    Latest postअनुभूति : चाल ,चलन, चरित्र (दूसरा भाग )

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  4. आज के दिन के लिए बिलकुल परफेक्ट और खूबसूरत सी कविता...
    Many congratulation to you both!! :)

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  5. लता सी लिपटी .....हँसती डोलती .....
    फलती फूलती हूँ मैं ......


    जीवन मे कितने ही रंग तुमने दिये ......
    साज से क्षृंगार से अलंकृत होती हूँ मैं .......
    तुम से ही ....
    सजती-सँवरती हूँ मैं .

    नारी का यही श्रृंगार है
    खुबसूरत भावों से सजी दिल को छूती रचना

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  6. आपके पति के जन्मदिन पर बहुत बहुत शुभकामनाएं.

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  7. अनुपमा जी, आप दोनों को बहुत बहुत बधाई..जन्मदिन पर बहुत सुंदर भेंट..

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  8. बहुत ही सुन्दर,भावपूर्ण प्रस्तुती।

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  9. वाह जी बढ़ि‍या लि‍खा है .

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  10. बहुत ही सुन्दर शब्दों और उससे भी ज्यादा खूबसूरत अंतर्मन के भावो से गुंथी रचना
    अनुपमा ,पति का जन्मदिन मुबारक हो...बहुत सुंदर उपहार है जन्मदिवस का

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  11. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति है अनुपमा जी...
    आपके "उन" की ख़ुशी तो समेटे नहीं सिमट रही होगी:-)
    हमारी भी ढेर सारी शुभकामनाएं आप दोनों को.

    सस्नेह
    अनु

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  12. सब पर तेरी कृपा अंकित है..बस निहारूँ..

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  13. अति सुन्दर..कुछ ही पंक्तियों में अंदाजा होने लगा था कि ... आपसबों को शुभकामनाएं..

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  14. जीवन मे कितने ही रंग तुमने दिये ......
    साज से क्षृंगार से अलंकृत होती हूँ मैं .......
    तुम से ही ....
    सजती-सँवरती हूँ मैं ....!!!!!

    यूँ ही जोड़ी हमेशा सलामत रहे
    दुआ है जनम दिन मनाती रहो,,,,,
    आप दोनों को बहुत२ शुभकामनाएं,,,,.

    RECENT POST: रिश्वत लिए वगैर...

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  15. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ...........जीवन मे कितने ही रंग तुमने दिये ......
    साज से क्षृंगार से अलंकृत होती हूँ मैं .......
    तुम से ही ....
    सजती-सँवरती हूँ मैं ....!!!!! आप दोनों को ढेर सारी शुभकामनाएं,,,,.

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  16. जीवन मे कितने ही रंग तुमने दिये ......
    साज से क्षृंगार से अलंकृत होती हूँ मैं .......
    तुम से ही ....
    सजती-सँवरती हूँ मैं ...
    सुन्दर अनुपम भाव...अनुपमा जी, आप दोनों को बहुत - बहुत शुभकामनायें

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  17. अद्भुत ...सच है सब उसी की कृपा है.....

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  18. anupama ji...is se adbhut uphaar aapke unke liye koi ho hi nahi sakta...bahut sundar!

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  19. waah waah ..bahut sunder bhaw..in bhawon se badhkar kuchh bhi nahi ...

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  20. बहनोई को जन्मदिन की बिलेटेड शुभकामनाएँ यद्यपि शुभकामनाएँ कभी विलंबित होती नहीं है फिर भी शाब्दिक व्याकरण के वजह से ऐसा कहना पड़ा !
    आपकी कविता में प्रकति और संगीत तो है ही आपके विचारों में भी है तदनुरूप जीवन में भी ... प्रणाम दीदी !

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  21. बेह्तरीन अभिव्यक्ति .सादर नमन

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  22. Bahut sunder. aapke patidev ke janm din kee unhe anek shubh kamnayen. is vasanti mausam aur prem diwas ke sath aapke ye bhaw aahaSSSS .

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  23. ओह , यह कैसे रह गया पढ़ने से ..... बहुत खूबसूरत तोहफा दिया जन्मदिन पर .... इसको देर से पढ़ने के लिए क्षमा चाहती हूँ .... शुभकामनायें

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