''ज़िंदगी एक अर्थहीन यात्रा नहीं है ,बल्कि वो अपनी अस्मिता और अस्तित्व को निरंतर महसूस करते रहने का संकल्प है !एक अपराजेय जिजीविषा है !!''
नमष्कार !!आपका स्वागत है ....!!!
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13 February, 2014
22 January, 2014
फिर से शिशिर का स्वागत हो.......!!
यूँ छाई घन घोर कुहेलिका(धुन्ध)
शीत आवरण ओढ़े धरा,
तुहिन(ओस ) की बूँद बूँद लड़ियाँ लतिका पर,
हो रही स्वागतातुर वसुंधरा....!!
शिशिर ने दे दी है दस्तक
अबोली न रहे मन की कथा,
कुछ तो बोलो कि
रंग बिखरें सूर्य की किरणों से ,
सतरंग सजे नेह गाथा ,
तुम प्रभासित हो
और ....जग पर छा जाओ ऐसे
दैदीप्यमान उल्लास तुम्हारा
चीर दे कुहेलिका …… !!
फिर सरसो ऐसे कि
मन पर आह्लाद बरसे......!!
पलक पर पुलक की
कुछ बूँद दे दो
के तुमसे ही सुमिर सुमिर
फिर से रुचिर
शिशिर का स्वागत हो.
शीत आवरण ओढ़े धरा,तुहिन(ओस ) की बूँद बूँद लड़ियाँ लतिका पर,
हो रही स्वागतातुर वसुंधरा....!!
शिशिर ने दे दी है दस्तक
अबोली न रहे मन की कथा,
कुछ तो बोलो कि
रंग बिखरें सूर्य की किरणों से ,
सतरंग सजे नेह गाथा ,
तुम प्रभासित हो
और ....जग पर छा जाओ ऐसे
दैदीप्यमान उल्लास तुम्हारा
चीर दे कुहेलिका …… !!
फिर सरसो ऐसे कि
मन पर आह्लाद बरसे......!!
पलक पर पुलक की
कुछ बूँद दे दो
के तुमसे ही सुमिर सुमिर
फिर से रुचिर
शिशिर का स्वागत हो.
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