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24 September, 2012

रचना मेरी ,.... ..(हाइकु )



रचना मेरी ,
मनभावन बने ..
वरदान दो ..

रचना मेरी , मनभावन बने .. वरदान दो ..

पवन बहे  ...
जियरा भरमाये ..
मनवा गाये ..



प्रेम   ऐसा  हो ...
जीवन रंग भरे ..
 चढ़ता जाए ..


रंग ऐसे हों ..

खिले हुए सुमन ..
रंगें जीवन ....



दुःख दे गया ..

बैरी पवन झोंखा ..
लट उलझी ...


बहती हवा ..
उलझा गयी लटें ...
जियरा डोले ..

बरस रही ...
सरस  बदरिया .. ..
स्मृतियाँ लिए .. .....


समय संग ...
मन  बहता जाए ..
सहता जाए .. ..

तुम न आये ....
याद अब न जाए ...
किससे  कहूँ  ...?


बैरी मनवा ,
बात न माने मोरी ....
रैन जगाये ...
काहे  बिदेस ..
गए  हो रसिया ..
मन बसिया ..

मन बतियाँ ,
कासे कहूं  आली री...
पिया निर्मोही ...

नैना निहारें  ..

सूनी भई  डगर ...
पिया ना आये ...

निर्मोही संग ,
काहे  नेहा लगाये  .....
क्यों  पछताए ..??

24 comments:

  1. संक्षिप्त पर विस्तृत..

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  2. सभी हाइकू बहुत अच्छे लगे,,,उम्दा प्रयाश बधाई,,,,

    RECENT POST समय ठहर उस क्षण,है जाता,

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  3. पढने से ऐसा लग रहा है जैसे कोई गीत गा रहा है । सुंदर रचना ।

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  4. संगीतमय रचना जहाँ रस की कमी नहीं रही बात आनंद की तो वह बरसती रहेगी बदरिया बन .

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  5. शुभ प्रभात
    आनन्दित हुई

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  6. वाह ... बहुत खूब

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  7. बोलती तस्वीरों के साथ भाव अद्भुत है हायकू के . अनुपमा जी , बहुत ही सुन्दर..

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  8. चित्र के साथ
    सजी ये रचनाएं
    मन को भाए

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  9. वाह सभी हाइकू एक से बढ़ कर एक....अनुपमाजी..

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  10. बहुत सुन्दर भाव . छुटकू कविता अद्भुत प्रभाव .

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  11. mujhe ye jaankari thi ki swar shabdo ko nahi gina jata... kya ye mera sochna sahi hai ya galat.. kripya marg nirdeshan karenge... maine bhi likha hia... isliye puchha

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  12. माँगा वरदान एक
    रचना मनभावन
    बनी एक से एक
    एक ही नहीं अनेक !

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  13. बहुत सरस मन भावन ! चित्रांकन भी भावनुसार !

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  14. अद्भुत हायकू....अनुपमा जी

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  15. बहती हवा ..
    उलझा गयी लटें ...
    जियरा डोले ...हाइकु की ठंडी हवा

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  16. बहुत अच्छे गढ़े शब्द.. सुन्दर हाइकु..
    सादर

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  17. निर्मोही संग हिय लगाये , जिया पछताए !
    वाह ...बेहतरीन !
    आपकी प्रत्येक रचना में शब्द सुर में नृत्य से करते प्रतीत होते हैं !

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  18. देखन में छोटन लगे घाव करे गंभीर |

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  19. A post full of life, positive energy and hope. Beautiful haiku:)

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  20. बरस रही ...
    सरस बदरिया .. ..
    स्मृतियाँ लिए .. .... छोटी छोटी पंक्तियों में समाये गहरे भाव..सुंदर रचना !

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