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29 January, 2014

मुझसे मेरा परिचय करवा दो


जीवन की अनमोल घड़ी यह
प्रातः की बेला मे खिलकर
छाई हुई ये धुंध  मिटा दो
मुझमें मेरा बसंत खिला दो ,

मुझसे मेरा परिचय करवा दो

बाग तुम्हारे महकूँ ऐसे
खिले पुष्प सी लहकूँ ऐसे
मौन खड़ी सुरभी बिखराऊँ,
भाव भाव  गुन शब्द  रचाऊँ
रजनी गंधा सी महका दो

मुझसे मेरा परिचय करवा दो

बहने लगे भाव की धारा
बहें शब्द  पा जाएँ  किनारा,
सप्त स्वरों में बहता मेरा
अभिनंदन वंदन बन जाये
कोयलिया का गान सुना  दो ,
मुझसे मेरा स्वत्व मिला दो

मुझसे मेरा परिचय करवा दो

 मन की आभा से खिली खिली ,
शब्दों  की ऐसी संरचना हो ,
स्वाति की इक बूंद सजल मन,
चातक  मन की  प्यास बुझा दो ,
रंग भरे रस यूँ छलका दो
मुझमें मेरा बसंत खिला दो… !!

मुझसे मेरा परिचय करवा दो



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26 comments:

  1. गदगद हो गया मन. आपकी समस्त अभिलाषायें पूरी हो. शब्द-शब्द प्रातः समीर की तरह मन से होकर गुज़रा है.

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  2. बहुत बहुत सुंदर ..... स्वयं से साक्षात्कार हो , हर मन की अभिलाषा होती है ....

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  3. प्राकृति में उन्मुक्त हो के ही स्वयं का परिचय मिलता है ... इस विराट श्रृष्टि से एकाकार होता है ...

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  4. बहुत ही सुन्दर रचना....
    :-)

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  5. सुन्दर रचना
    सम्मोहित करती हुई..

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  6. काश मैं खुद को पहचान जाऊन :)

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  7. जल्दी आपकी कामना पूरी हो :)
    बहुत ही सुन्दर रचना .

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  8. ऋतुराज के आगमन के बहाने स्वत्व की खोज में सुरभित शब्द . आनंदायक

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  9. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 30-01-2014 को चर्चा मंच पर दिया गया है
    आभार

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    1. हृदय से आभार दिलबाग जी !!

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  10. अपने को पहचानें हम सब, सुन्दर पंक्तियाँ

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  11. भावों का अद्भुत प्रवाह...शब्दों और भावों का लाज़वाब संयोजन...बहुत उत्कृष्ट रचना..

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  12. मन की आभा से खिली खिली ,
    शब्दों की ऐसी संरचना हो ,
    स्वाति की इक बूंद सजल मन,
    चातक मन की प्यास बुझा दो ,
    रंग भरे रस यूँ छलका दो
    मुझमें मेरा बसंत खिला दो… !!

    अनुपमा जी, कितनी सुंदर विनय छुपी है इस कविता में..बसंत की शुभकामनायें!

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  13. वाह मुझको मुझसे मिलवा दो बेहतरीन प्रस्तुति :

    जीवन की अनमोल घड़ी यह
    प्रातः की बेला मे खिलकर
    छाई हुई ये धुंध मिटा दो
    मुझमें मेरा बसंत खिला दो ,

    मुझसे मेरा परिचय करवा दो

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  14. बहुत ही सुन्दर रचना अनुपमा जी ...
    बसंत की हार्दिक शुभकामनाएँ !!! :-)

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  15. बहुत ही सुंदर रचना...

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  16. रचना पर अपने विचार देने हेतु आप सभी का आभार ...!!

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  17. बस एक मुलाक़ात हो जाये,
    खूब रोशन ये रात हो जाये
    एक दिलदार से मुखातिब हों
    खुद की खुद से बात हो जाये

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  18. मुझसे मेरा परिचय करवा दो.... बहुत ही सुंदर रचना...

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  19. सुन्दरता से पिरोये शब्द |

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  20. खूबसूरत अभिव्यक्ति...

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