जीवन की परिभाषा.... !!
वसुंधरा के उद्दाम ललाट पर
सूरज की ललाम आशा
प्रातः की कवित्त विरुदावली है या
मेरी कविता की अभिलाषा !!
तुम्हारे शब्दों में उल्लसित
मेरे व्योम की विभासा
तुम्हारी कविता है
या मेरी उड़ान की अपरिमित जिजीविषा !!
अनुपमा त्रिपाठी
''सुकृति ''
''सुकृति ''
