मेरी चूड़ी सी ...
वर्षा की बूंदो मे है खनखनाहट ....
मेरी बिंदिया सी ..
तुम्हारे चेहरे पे है मुस्कुराहट...
अदरक की चाय सी ....
सुबह में है खुश्बू....
खड़खड़ाता हुआ अख़्बार ...
सुर लहरी छेड़ रहा है ...
तुमसे रौशन है मेरा जहाँ ...
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