नमष्कार !!आपका स्वागत है ....!!!

नमष्कार !!आपका स्वागत है ....!!!
नमष्कार..!!!आपका स्वागत है ....!!!
Showing posts with label मोर. Show all posts
Showing posts with label मोर. Show all posts

15 June, 2021

नव गीत


पृथक राह के अथक प्रयास ,
बाँध गए जीवन की डोर,
शुभ आशीष बरसता जैसे 
नाच रहा है मन का मोर 

कण कण पर रिमझिम सी बूँदें 
लाइ हैं संदेस अनमोल 
प्रकट हुआ आह्लाद ह्रदय का ,
ऐसे आई नवल विभोर 

बूंदों की रिमझिम में साजन 
सजनी का श्रृंगार वही 
प्रकृति ओढ़े हरियाली 
है सावन का राग वही 

आओ मिलकर अब हम कोई 
गीत रचें नया नया 
छायी हरियाली है जैसे 
प्रीत का रंग नया नया 

बूंदों के अर्चन में गाती 
राग कोई वसुंधरा 
नाद सुनहरी ऐसे गूँजे 
रोम रोम है पुलक भरा 

भीगी धरती अब हुलसाती 
बूँदों में रुनझुन गुण गाती 
किसलय के फिर नवल सृजन में 
सभी के मन को खूब लुभाती 

अनुपमा त्रिपाठी
    'सुकृति'