नमस्कार ....!!आपका स्वागत है ....!!

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01 August, 2011

देखो ..देखो मतवारी वर्षा....!!


धन घड़ी आई...पिया के आवन की पतियाँ लायी ....!!

अपनी सभ्यता और संस्कृति से  जुड़े ,हम जैसे लोगों के लिए तीज का त्यौहार अपार हर्ष, आनंद ,उत्साह लेकर आता है ...!!शुभ सन्देश..शुभ घड़ी लाता है ...!!
कल २-अगस्त को हरियाली तीज है ... आप सभी को हरियाली -तीज की अनेक अग्रिम .. शुभकामनाएं ..!!सपरिवार सहर्ष हरियाली तीज मनाएं ...घेवर खाएं ..!!
आज फिर एक खुशनुमा रचना है वर्षा पर.......


कड़-कड़  कड़कडाती...
मृदंग सा बजाती....
दूर से आ रही है ..उड़ के आ रही है ..
बिजुरी देती दस्तक..!!
दूर से आ रही है ..
उड़ के आ रही है ..
सन न  न साँय-साँय डोले ...
मनवा के भेद खोले ..
पवन संग ..
देखो ..देखो ....
झम-झम झमझमाती मतवारी वर्षा....!!
..............!!!
मुझे ..तुम्हें   भिगाने ...
नृत्य करने लगा है मन ....
 छुपा हुआ बचपन....
गोल-गोल घूमता ..
 भींजता  तन-मन...
...जाने-अनजाने ...!!
झूम कर मल्हार ..लगा है गाने ...!!

घड़-घड़  घड़ घडाते ...
चहुँ दिस छाये ..
कृष्णा से नीले अम्बर से ..
बरसे ऐसी धार
धरा पर ..
Painting by Pragya Singh.
हरियाली राधा मन भाये ..
अधरों पर मुस्कान जगाये ..
रिमझिम पड़ रही प्रेम फुहार ...
सजनवा अमुवा पे  झूला दो डार ...
तीज को आयो है त्यौहार...


मोरा मन गया हार .
मगन अब ....
झूला-झूले ...
सावन के गीत गाये  ..
धन्य री मतवारी वर्षा ...
ये कैसा ...
अनुराग जगाये ...
चहुँ दिस ..बरस ..बरस ...
अमिय रस  बरसाए .. ..!!


53 comments:

  1. सुबह सुबह शब्दों की बरस रही सुरताल का आनन्द उठा रहा हूँ, आभार।

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  2. अनुपमा जी
    सुन्दर रचना के लिए आभार सहित , आपको भी हरियाली तीज की शुभकामनाएं

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  3. shabdon ki komal barsat ki boondon se man harshit ho gaya.badhai

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  4. ये कैसा ...
    अनुराग जगाये ...
    चहुँ दिस ..बरस ..
    रस बरसाए .. ..!!

    आपने सच में ही शब्दों का संगीत बजा,भावों की रिमझिम झड़ी लगा दिल को रस से सराबोर कर दिया है अनुपमा जी.

    अनुपम अनुराग का उदय कर रही है आपकी शानदार प्रस्तुति.बहुत बहुत आभार.

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  5. मन को आनन्दित कर गयी रचना ..... मनमोहक भाव

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  6. दिल को छूती रचना...

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  7. हरियाली तीज की आपको भी बहुत बहुत शुभकामनायें /तीज पर लिखी गई सावन की फुआर मैं डूबी बहुत प्यारी रचना /बधाई स्वीकारें /

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  8. waah......sargam si barsaat , bheeg uthe gaat gaat ang ang , mahka chhum chhanan

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  9. Anupama jee , bahut achchha likhati hain aap . aanandlok lagta hai.

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  10. आपको भी हरियाली तीज की बहुत बहुत शुभकामनाएँ।
    कविता बहुत अच्छी लगी।

    सादर

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  11. सावन मे मस्त रंग उकेर दिये हैं………बहुत खूब्।

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  12. सुन्दर रचना ..... आपको भी हरियाली तीज की शुभकामनाएं

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  13. बहुत सुंदर, क्या कहने

    हरियाली राधा मन भाये ..
    अधरों पर मुस्कान जगाये ..
    रिमझिम पड़ रही प्रेम फुहार ...
    सजनवा अमुवा पे झूला दो डार ...
    तीज को आयो है त्यौहार...

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  14. क्या कल हरितालिका तीज है ???
    जहाँ तक मुझे याद है सावन के बाद कभी माँ ये व्रत करती है..
    खैर बहुत सुन्दर लिखा है..:) आपको व्रत की शुभकामनाएं...

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  15. नहीं शेखर जी ये हरियाली तीज है |हरतालिका तीज अगले माह आएगी ..गणेश चतुर्थी से पहले वाले दिन ....भादों में ...आपको रचना पसंद आई ..आभार..!!

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  16. वाह अनुपमा जी,
    यहाँ आफिस में शीशे से बाहर तेज धूप का नज़ारा है लेकिन आपकी रचना पढ़ते बारिश का अहसास होने लगा... कानो में गरज से सुनाई पड़ने लगे...
    सचमुच 'शब्द चित्र' है...
    सादर...

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  17. काव्य में आपने पूरा वर्षा का चित्र खींच दिया है।
    हरियाली तीज की आपको भी अनंत शुभकामनाएं।

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  18. दिल को छूती रचना...
    वाह बहुत ही सुन्दर
    रचा है आप ने
    क्या कहने ||

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  19. आपको भी हरियाली - तीज की बधाई . बहुत सुन्दर रचना

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  20. आपको भी हरियाली - तीज की शुभकामना . बहुत सुन्दर रचना

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  21. वाह अनुपमजी, बरसात का आनंद आपकी कविता पढ़कर कई गुना हो गया है... तीज की बधाई!

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  22. ये कैसा
    अनुराग जगाये
    चहुँ दिस ..बरस .
    रस बरसाए .. !!

    वर्षा ऋतू के अभिनन्दन स्वरुप
    कही गयी बहुत ही मन मोहक रचना है
    बधाई स्वीकारें .

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  23. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  24. Anupma ji, aapki nirjhar rachana se lagta hai saavan aaya hai nahi to yhan badariya keval dhokha hi de rahi hai . achchhi lagi .

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  25. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ..ध्वन्यात्मक शब्दों का प्रयोग उसकी ध्वनि भी सुना रहा हो जैसे .. सुन्दर प्रस्तुति

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  26. बेहद भावमयी और खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार. आपको भी हरियाली तीज की बहुत बहुत शुभकामनाएँ।
    सादर,
    डोरोथी.

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  27. वाह ...बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

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  28. सुन्दर रचना के लिए आभार .

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  29. दिल को छूती रचना..

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  30. आपको भी हरियाली तीज की बहुत बहुत शुभकामनाएँ।

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  31. देखो ..देखो मतवारी वर्षा....!!

    तो वर्षा की शुभकामनाएं स्वीकार कीजिए....

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  32. अनुपमा जी
    सुन्दर रचना के लिए आभार......मनमोहक भाव

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  33. शब्दों की बारिश...बहुत मनोहारी!!

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  34. bahut hi sunadar drashya hai man bhi hara bhara ho gaya aapke shabdon ki barsaat se :)

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  35. बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण रचना! आपको हरियाली तीज की बधाइयाँ और शुभकामनायें!

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  36. हरियाली तीज? पहली बार सुना है...तीज त्यौहार से तो अच्छी तरह परिचित हूँ...मुझे बहुत कारणों से ये त्यौहार पसंद है...पेड़किया और ठेकुआ खाने को मिलता है हमें :)

    वैसे बारिश की ये कविता भी बहुत पसंद आई..आपने कुछ दिनों पहले एक कविता लिखा था बारिश पे...वो भी पसंद आई...मुझे बारिशों की कविता पसंद आती है..

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  37. wah ham bhi jhoom liye aapke is geet ke sath.
    bahut sunder prastuti.

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  38. संगीतमयी फुहार के बीच मन भीगा . जिस गीत की आत्मा संगीत हो वो आत्मा संतृप्त करने वाली होती है . ह्रदय हर्षित हुआ.

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  39. are vah aapne to sunder shavdo kee rimjhim se bhigo hee diya....

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  40. मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  41. achhe shabd..achhi prastuti...


    http://teri-galatfahmi.blogspot.com/

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  42. बहुत सुन्दर कविता .. बारिश की बून्धो के साथ मन को भिगोता हुआ ..
    आभार

    विजय

    कृपया मेरी नयी कविता " फूल, चाय और बारिश " को पढकर अपनी बहुमूल्य राय दिजियेंगा . लिंक है : http://poemsofvijay.blogspot.com/2011/07/blog-post_22.html

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  43. सुभाग्य मेरा ...आपके अशिर्वचनो की वर्षा हुई ...!!
    बहुत बहुत धन्यवाद ...त्रुटी क्षमा करें ...स्नेह बनाये रखें.....!!!!

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  44. दिल को छूती सुन्दर-सुन्दर रचना...

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  45. Pragya Singh घड़-घड़ घड़ घडाते ...
    चहुँ दिस छाये ..
    कृष्णा से नीले अम्बर से ..
    बरसे ऐसी धार
    धरा पर ..

    हरियाली राधा मन भाये ..
    अधरों पर मुस्कान जगाये ..
    रिमझिम पड़ रही प्रेम फुहार ...
    सजनवा अमुवा पे झूला दो डार ...
    तीज को आयो है त्यौहार...
    best way to express the feel of my painting......really lovely..now i luv my this work more nd more.....thanx a lot..
    Thanks Pragya for the beautiful painting ...It gave me some beautiful feelings to complete my poem.

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  46. सरस कविता से मन भीग-सा गया।

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  47. मोरा मन गया हार .
    मगन अब ....
    झूला-झूले ...
    सावन के गीत गाये ..
    धन्य री मतवारी वर्षा ...
    ये कैसा ...
    अनुराग जगाये ...
    चहुँ दिस ..बरस ..बरस ...
    अमिय रस बरसाए .. ..!!

    भावबिभोर कर दिया अनुपमा जी.

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  48. हरियाली राधा मन भाये ..
    अधरों पर मुस्कान जगाये ..
    रिमझिम पड़ रही प्रेम फुहार ...
    सजनवा अमुवा पे झूला दो डार ...
    तीज को आयो है त्यौहार...
    tyohaar ki dhoom hai mausam bhi bheega -2 hai ,rachna me mithas hai sundar .

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नमस्कार ...!!पढ़कर अपने विचार ज़रूर दें .....!!