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16 April, 2013

कुछ एहसास ...हाइकु ...




पसरा मौन ...
बिखरे हैं सुमन ....
आया है कौन ...?

रूह  छू जाए ....
वसुंधरा मुस्काए  ...
आस जगाए ...

धुंध मिटती .....
वेदना है छंटती .....
पुष्प बिखरे ...

रौशन  लम्हें  ...
जो रुक जाएँ यहीं ...
बीतें न पल ...


खिली  लालिमा .......
देती अब   सन्देश .....
मिटी  कालिमा ...

उगता सूरज ....
करता है निहाल ...
छाया प्रकाश ...




छूकर तुम्हें ...
आई है मेरे द्वार ....
चंचल हवा ....

महके मन .....
भीनी सी   है पवन ...
गुनगुनाऊँ ....



33 comments:

  1. बहुत सार्थक व सुंदर हाईकू, शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  2. वाह !!! सुंदर अहसासों से भरे बेहतरीन हाइकू ,आभार,

    RECENT POST : क्यूँ चुप हो कुछ बोलो श्वेता.

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  3. बहुत प्यारे हायकू अनुपमा जी...
    सुन्दर एहसास....

    अनु

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  4. एक नयापन, जीवन बहता।

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  5. हमेशा की तरह हृदयस्पर्शी पावन भाव

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  6. सुंदर चित्रों के साथ सुंदर रचना |

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  7. बहुत सुंदर प्रस्तुति.... अनुपमा जी

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  8. बहुत खूबसूरत एहसास .... बेहतरीन हाइकु

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  9. बहुत सुंदर हाईकू...शुभकामनाएं...

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  10. छूकर तुम्हें ...
    आई है मेरे द्वार ....
    चंचल हवा ....

    महके मन .....
    भीनी सी है पवन ...
    गुनगुनाऊँ ....
    वाह ... बेहतरीन हाइकु

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  11. वाह तुकांत हाइकू की बात ही कुछ ओर है ...
    बहुत ही लाजवाब ...

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  12. छूकर तुम्हें ...
    आई है मेरे द्वार ....
    चंचल हवा ...
    --------
    चंचल हवा .. निश्चल हवा ...

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  13. खिली लालिमा .......
    देती अब सन्देश .....
    मिटी कालिमा ...

    उगता सूरज ....
    करता है निहाल ...
    छाया प्रकाश ...

    बेहतरीन हाइकु शुभकामनाएं.

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  14. आपकी यह प्रस्तुति कल के चर्चा मंच पर है
    कृपया पधारें

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    Replies
    1. मेरे हाइकु चर्चा मंच पर लेने हेतु बहुत आभार दिलबाग जी ....

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  15. बहुत सुंदर भावभीने हाइकू अनुपमा
    शुभकामनाएं...

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  16. वाह सभी एक से बढ़ कर एक

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  17. बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........

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  18. इस विधा में भी आप कमाल करती है , , गोपद में सिन्धु भरती है .

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  19. वाह! बेहद उम्दा लेखन | लाजवाब रचना |

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

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  20. खूबसूरत एहसासों का भंडार हैं आपके हाइकू ......बधाई !

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  21. हल्का हल्का सा पवन का स्पर्श कराते सुंदर हाइकू..बधाई अनुपमा जी.

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  22. बहुत सुन्दर....बेहतरीन प्रस्तुति !!
    पधारें बेटियाँ ...

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  23. सुंदर हायकू....सब के सब

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  24. सुंदर अभिव्यक्ति

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  25. महके मन .....
    भीनी सी है पवन ...
    गुनगुनाऊँ ....भाव कणिकाओं से सुन्दर हाइकु .

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  26. आभार आप सभी का ...!!

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नमस्कार ...!!पढ़कर अपने विचार ज़रूर दें .....!!