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25 July, 2012

मौन सी एक सुबह .........................!!





मेरी चूड़ी   सी ...
वर्षा की बूंदो मे है खनखनाहट ....
मेरी बिंदिया सी ..
तुम्हारे चेहरे  पे है मुस्कुराहट...
अदरक की चाय सी ....
सुबह  में है  खुश्बू....
खड़खड़ाता हुआ अख़्बार ...
सुर लहरी छेड़ रहा है ...
तुमसे  रौशन है मेरा जहाँ ...

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43 comments:

  1. बारिश से भीगा प्यार

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  2. ये रोशनी कभी मद्धम न हो.....
    बहुत प्यारे भाव....

    सस्नेह
    अनु

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  3. yeh mausam rangeen sama..kya baat hain!!
    bhagwan tum dono ke pyar ko sada yu he banie rakhe.......

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  4. वाह ... बेहतरीन भाव

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  5. खनखनाती, महकती, मुस्कुराती सी रचना... बहुत सुन्दर

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  6. अच्छी उपमाएं दी हैं !

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  7. और सुबह-सुबह खांसता सा बह रहा है नल
    ध्वनियो और एहसासों का बेहतरीन प्रयोग

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  8. बारिश का असली आनंद उठाया जा रहा है .... सुंदर

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  9. वाह ! अखबार से सुर लहरी..नया अंदाज..

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  10. सुबह, बारिश और अदरक की चाय...वाह..

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  11. तुम्हारे चेहरे पे है मुस्कुराहट...
    अदरक की चाय सी ....
    क्या बात है ...साथ में पकोड़ों का सा कुछ भी नहीं ?:):).
    खूबसूरत ख्याल..

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    1. अरे शिखा जी गाने वालों का ध्यान पकौड़े तक जाता ही नहीं ....पकौड़े खाने से गला खराब हो जाता है ...:))गाना सुनना हो तो पकौड़े खिलाने के पहले सुन लिजियेगा ....:))
      बहुत आभार रचना पसंद करने के लिये ...!!

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  12. sama sa bandh diya

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  13. जहाँ यूँ ही रौशन रहे..शुभकामनाएं...

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  14. यूं ही रौशन रहे सारा जहाँ..खनकती सी खुबसूरत रचना..

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  15. मेरी चूड़ी सी ...
    वर्षा की बूंदो मे है खनखनाहट ....
    मेरी बिंदिया सी ..
    तुम्हारे चेहरे पे है मुस्कुराहट..
    अदरक की चाय सी ....
    सुबह में है खुश्बू....
    खड़खड़ाता हुआ अख़्बार ...
    सुर लहरी छेड़ रहा है ...
    तुमसे रौशन है मेरा जहाँ ..

    बहुत सुन्दर भाव, श्रेष्ठ अल्फाज !

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  16. bhaut khubsurat rahi barish...aur usme bheege ye khubsurat bhaavo ke shabd....behtreen....

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  17. अदरक की चाय सी ....
    सुबह में है खुश्बू....
    खड़खड़ाता हुआ अख़्बार ...
    सुर लहरी छेड़ रहा है ...
    तुमसे रौशन है मेरा जहाँ ...

    मुलायम एहसास के साथ

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  18. बहुत खूब ..
    सुंदर रचना ..
    अदरक वाली चाय की खुशबु
    अखबार की खरखराहट अच्छी लगी :)

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  19. सुबह सुबह मिल जाय,गर अदरक वाली चाय
    सारा दिन पढते रहे, दिन मस्ती में कट जाय,,,,,

    बहुत बढ़िया प्रस्तुती,,,,

    RECENT POST काव्यान्जलि ...: आदर्शवादी नेता,

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  20. Kya baat hai, bahut sundar! Ab baarish mein yeh sab raang talash karunge.:)

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  21. बहुत खूबसूरत कविता... वर्षा की बूंदों की तरह...

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  22. सुबह सुबह प्रेम की रौशनी आ जाए तो अंधेरा कभी नहीं आता ... लाजवाब प्रस्तुति ..

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  23. वर्षा की यह फुहार यूं ही झर-झर झरती रहे।

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  24. मौन का मुखरित होना यही तो है, सुन्दर भाव, बधाई.

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  25. एक नन्हा जंगली फूल
    बन गया विशेष
    बेश कीमती रचना सुन्दर ,मनोहर ,बेहतरीन प्रतीक विधान और विहान लिए ..कृपया यहाँ भी पधारें -

    कविता :पूडल ही पूडल
    कविता :पूडल ही पूडल
    डॉ .वागीश मेहता ,१२ १८ ,शब्दालोक ,गुडगाँव -१२२ ००१

    जिधर देखिएगा ,है पूडल ही पूडल ,
    इधर भी है पूडल ,उधर भी है पूडल .

    (१)नहीं खेल आसाँ ,बनाया कंप्यूटर ,

    यह सी .डी .में देखो ,नहीं कोई कमतर

    फिर चाहे हो देसी ,या परदेसी पूडल

    यह सोनी का पूडल ,वह गूगल का डूडल .

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  26. बहुत ही खूबसूरत!

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  27. क्या बात है... बहुत सुंदर रचना...
    सादर।

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  28. सुंदर प्रस्तुति.

    बधाई.

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  29. वाह, गागर में सागर।

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  30. अदरक की चाय सी ....
    सुबह  में है  खुश्बू....
    खड़खड़ाता हुआ अख़्बार ...
    सुर लहरी छेड़ रहा है ...
    तुमसे  रौशन है मेरा जहाँ ...
    .... बहुत सुंदर रचना... .

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  31. भावों की वृष्टि , भीगे , मन हर्षित हुआ. बहुत सुँदर .

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  32. अदरक की चाय सी ....
    सुबह में है खुश्बू....
    खड़खड़ाता हुआ अख़्बार ...
    सुर लहरी छेड़ रहा है ...
    तुमसे रौशन है मेरा जहाँ ...

    ....बहुत कोमल अहसास...बहुत सुन्दर प्रस्तुति..

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  33. इस मौन सुबह मे आप सभी ने अपने अपने मन के भाव देखे ...मेरी रचना साकार हुई ...!!
    हृदय से आभार आप सभी का ...!!

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  34. वाह.....रोमांटिक...:) :)
    हलकी बारिश आज सुबह से हो रही है इधर...बड़ा अच्छा लगा ऐसे में पढना इसे :)

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