नमस्कार ....!!आपका स्वागत है ....!!

नमस्कार ....!!आपका स्वागत है ....!!
नमस्कार ....!!आपका स्वागत है ....!!

12 July, 2022

घन तुम बरसो ,


 घन तुम बरसो ,

घननन बरसो ,

ताल ताल में 

ग्वाल बाल की थाप  बनो 

मन राधा घनश्याम बनो 

प्रीत बनो तुम सरसो 

घन तुम बरसो !!


घन तुम बरसो ,

फूल फूल में 

पात पात में 

रंगों से मिल 

खिल खिल 

मेरे जिय में हरसो 

घन तुम बरसो 


अनुपमा त्रिपाठी 

  ''सुकृति "

5 comments:

  1. बारिश का भी अपना एक अलग ही आनंद है लेकिन मर्यादा में
    बहुत सुन्दर

    ReplyDelete
  2. बारिश का भी अपना एक अलग ही आनंद है लेकिन मर्यादा में
    बहुत सुन्दर

    ReplyDelete
  3. घन प्यासी धरा पर मन भर बरसें, यही कामना करते हैं हम। अभिनंदन आपका।

    ReplyDelete
  4. वर्षा को सुंदर आमंत्रण!

    ReplyDelete
  5. वाह ! वर्षा ऋतु पर सुंदर, सरस अभिव्यक्ति ।

    ReplyDelete

नमस्कार ...!!पढ़कर अपने विचार ज़रूर दें .....!!