15 वर्ष यकीनन बहुत लंबा समय होता है ...किन्तु सब कुछ आज भी याद है ...स्पष्ट ...!!
माँ की याद में ...आज उनकी पुण्यतिथि पर ,उनके लिए लिखे कुछ भाव ...!!
मेरे पास आज भी
तुम्हारे दिये हुए
माँ की याद में ...आज उनकी पुण्यतिथि पर ,उनके लिए लिखे कुछ भाव ...!!
मेरे पास आज भी
तुम्हारे दिये हुए
देखो वही शब्द हैं माँ
वही भाव हैं ...
जिन्हें तुम सर्दी में सहेजती थीं
धूप दिखाकर ....,
गर्मी में सहेजती थी
उस अंधेरी कोठरी में
धूप से बचा कर ....
बरसात मे तुम्ही ने सिखाई बनाना
वो कागज़ की नाव ,
तिरते हैं मेरे मन के भाव
''वो कागज़ की कश्ती वो बारिश का पानी ''
गाते हुए ....जानती हूँ ....
मानती भी हूँ .......
मानती भी हूँ .......
तुम से मुझ तक ...
मुझ से मेरी संतति तक ....
कुछ तो है जो चलता रहेगा ....
यूं ही अनवरत .....!!


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