''ज़िंदगी एक अर्थहीन यात्रा नहीं है ,बल्कि वो अपनी अस्मिता और अस्तित्व को निरंतर महसूस करते रहने का संकल्प है !एक अपराजेय जिजीविषा है !!''
नमष्कार !!आपका स्वागत है ....!!!
नमष्कार..!!!आपका स्वागत है ....!!!
Showing posts with label . प्रेम. Show all posts
Showing posts with label . प्रेम. Show all posts
19 September, 2014
06 September, 2014
तुम्हारे मेरे बीच की कड़ी
तुम्हारे मेरे बीच की कड़ीसिर्फ एहसास ही नहीं है,
सिर्फ शब्द ही नहीं है,
सिर्फ प्रेम ,ईर्ष्या ,द्वेष या
सिर्फ आक्रोश भी नहीं है
बल्कि संकुलता से परे ,
तुम्हारा वो सशक्त मौन है ,
मेरे चारों तरफ ,
जो तुम्हारे होने का प्रमाण देता है
अपनी ऊर्जस्वितता में,
और बांधे रखता है सदा ,
दुख सुख में ,
हमे इस अटूट बंधन में...!!
18 August, 2014
15 March, 2014
अबकी होरी ....(हाइकु )
.jpg)
प्रेम की बोली ,
रंग रंगीली होली
चन्दन रोली
सूर्योदय सीउदित प्रमुदित
खिली आशाएँ
शुभ जीवन
राग अनुराग सा ,
खिला है मन
लाई प्रभास
किरणों की टोली
आई है होली
मन पलाश
ज्यों अबीर गुलाल
है लाल लाल
शील संतोष
केसर रंग घोरी
अबकी होरी

शुभकामना
रंग माथे लगाऊँ
होरी रचाऊँ
है रंग रंग
सतरंग उमंग
बाजे मृदंग
रंग अबीर
गुलाल लाल लाल
मचा धमाल
भई पलाश
रंग गई मनवाअबकी होरी
मन रसना
रंग भरे सपने
नैन बसना
रंग लगाऊँ
पलाश बोरी घोरी
अबकी होरी
भव सागर
पार करो श्यामा
भरो गागर
प्रीत चढ़ाऊँ
संग श्यामा के नाचूँफागवा गाऊँ
मन मोहन
मैं बांस की बांसुरी
उर आनंद
रंगी गुलाबी
ओढ़ी प्रीत पिया की
खिला जीवन
.jpg)
बरस रहा
बादलों से फागुन
शुभ सगुन
गावन गुण
बरसता फागुन
सरस मन
05 February, 2014
मदमाया है अब बसंत ........!!
.jpg)
मन ने उमंग भरी ,तूलिका ने भरे रंग,
कोयलिया कूक रही ,बाजे है मन मृदंग ||
फूलों की चिटकन है ,रंगों की छिटकन है,
भँवरे की गुंजन है, छाया जो रंजन है !!
धूप में निखार आया रंग की बहार छाई ,
अमुआ की मंजरिया देखो कैसी बौराई !!
.jpg)
पीत वसना धरती है ,धरती जो पीत वसन ,
धरती से अम्बर तक आया है अब बसंत !!
कंचन सी धूप खिली छाया है अब बसंत !!
सतरंगी चूनर, लहराया है अब बसंत
छाया है अब बसंत ....!!
राग है बहार संग मनवा है यूं मगन !
छेड़ो अब तान कोई ,लागी कैसी लगन,प्रकृती में बिखरा चहुं ओर उन्माद है ,
हरस रही सरसों है प्रीति का आह्लाद है,
रंग है बहार है रूप का श्रृंगार है ,
खिलती हुई कलियों पर आया जो निखार है ...!!
सतरंगी ...पुष्पों पर छाया है अब बसंत
मदमाती सुरभि लहराया है अब बसंत ......!!
Subscribe to:
Comments (Atom)

