नमष्कार !!आपका स्वागत है ....!!!

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04 February, 2013

शारदे माँ श्वेत वसने वंदना स्वीकार कर ....

शरदे माँ श्वेत वसने वंदना स्वीकार कर ....
हो रहे पद्भ्रांत सारे ...विश्व का उद्धार कर .....

इस बसंत में विश्व शांति के लिए की है प्रार्थना ....
आज आप को भी सुनाने का मन हुआ .....
बल्कि आइये मेरे साथ हम सब मिल कर माँ शरदे से यह प्रार्थना करें .....


इसे ईयर फोन पर सुनिएगा तब शब्द सही समझ मे आएंगे ....

27 December, 2011

नैहरवा हमका न भावे ....!!

कबीर पढ़ना और गाना अपने आप में एक आलौकिक आनंद देता है .....!!उनके भाव गाते वक़्त मैं इस दुनिया में होते हुए भी नहीं होती .....!!


जब ज्योति जलती है ... हमारे बीच  ...प्रेम की ...ज्ञान की ...भक्ति की ...हमारे अंदर ....
जब हम वेद-पुराण की बात करते हैं ....अपनी सभ्यता संस्कृति की बात करते हैं ...अपनी भावनाओं की बात करते हैं ...तो सहज ही ध्यान आता है कबीरदास जी का ...उनके दोहों को पढ़ना और सुनना अपने आप में एक अद्भुत अनुभव है ...!
पहले हम जीवन में भोग और विलास के  पीछे भागते हैं एक अंधी दौड़ में ..जो हमें चाहिए उसके पीछे ....जब वो सब हमें मिल जाता है ...तब एक अजीब से खालीपन का एहसास होता है ...और याद आते हैं वो प्रभु जिन्हें हम अपने व्यस्त जीवन में....भूले- बिसराए बैठे हैं ...प्रभु से एकाकार होने का मन करता है ....और लगता है ...

साईं की नगरी परम अति सुंदर ...
जहाँ कोई जावे  न आवे ...

उस नगरी तक ....उस प्रभु तक मैं अपना संदेस ...कैसे पहुँचाऊँ ...?

बिन सतगुरु आपनो नहीं कोई .....कहत कबीर सुनो भाई साधो ....सपने में प्रीतम आवे ...
जी हाँ अगर गुरु कृपा हो तो रास्ता आसान हो जाता है ....
कबीरदास जी कहते हैं ....

नैहरवा हमका न भावे ....

साईं की नगरी परम अति सुंदर ...अति सुंदर ...
जहाँ कोई जाए न आवै ..
चाँद सूरज जहाँ पवन न पानी ...
को संदेस पहुँचावे ...
दरद यह साईं को सुनावे ...
नैहरवा ....

बिन सतगुरु आपनो नहीं कोई ...
आपनो नहीं कोई ...
जो यह राह बतावे ...
कहत कबीरा सुनो भाई साधो ..
सपने में प्रीतम आवै ...
तपन यह जिया की बुझावे ...
नैहरवा .... 



इस गीत पर अन्य कलाकारों का सहयोग इस प्रकार है ...

हारमोनियम पर -नयन व्यास जी
सिंथ पर हैं -डॉ.मुकुल आचार्य जी
तबले पर -हामित वालिया जी
होस्ट हैं -डॉ पूनम कक्कड़  जी.


24 December, 2011

दीप प्रज्ज्वलन ....!


एक गणेश स्तुति 
व दीप प्रज्ज्वलन का गीत आपको सुना रही हूँ .आशा है आप पसंद करेंगे ....!!

Merry chritmas....!!



दीपो ज्योति परब्रम्ह ,
दीपो ज्योति जनार्दना ,
दीपो हरतु में पाप,
संध्या दीपो नमस्तुते ...

शुभम करोतु कल्याणं ,
आरोग्यं सुख  सम्पदाम ,
मम बुद्धि प्रकाशस्च
दीपो ज्योति नमोस्तुते ... ....!!


13 July, 2011

My performance..singing GANESH VANDANA in Kualalumpur(Malaysia)


नमस्कार ...आपसभी के समक्ष गणेश वंदना से गाने की शुरुआत कर रही हूँ|प्रभु नमन ...!!उम्मीद है प्रभु कृपा होगी ....!!
आपसे निवेदन है इयर फोन लगा कर सुने ..तब ठीक लगेगा ...!!