नहीं कोई ठाँव सा ....
काग़ज़ की नाव सा ...
बहता हूँ जीवन की नदिया में ...
शनै: शनै: डूबता हुआ ....
क्षणभंगुर जीवन ...
किंकर क्षणों मे ही ...
आकण्ठ डूब जाऊँगा ...
अब तुम पर ..
सब तुम पर है ..
पार लगाओ ...
मेरा जीवन सुधार दो ....
सँवार दो ..
अरज बस इतनी ही है ..उद्धार करो ...!!
हे प्रभु कल्याण करो। .!!
काग़ज़ की नाव सा ...
बहता हूँ जीवन की नदिया में ...
शनै: शनै: डूबता हुआ ....
क्षणभंगुर जीवन ...
किंकर क्षणों मे ही ...
आकण्ठ डूब जाऊँगा ...
अब तुम पर ..
सब तुम पर है ..
पार लगाओ ...
मेरा जीवन सुधार दो ....
सँवार दो ..
अरज बस इतनी ही है ..उद्धार करो ...!!
हे प्रभु कल्याण करो। .!!



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